आज़मगढ़ मुबारकपुर के अब्दुल कलाम ने IAS परीक्षा में रचा इतिहास
January 21, 2019
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उत्तर प्रदेश : हमारे देश मे मुसलमानों की हालत किसी से छिपी नहीं है। शिक्षा से लेकर नोकरियों तक मे मुसलमानों का पिछड़ापन सबके सामने हैं। आर्थिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समाज मे अभी भी बच्चों की पढ़ाई से ज़्यादा उन्हें काम काज सिखाने पर ज़्ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि पिछले कुछ समय से इस स्थिति मे बदलाव आया है।हर क्षेत्र मे मुस्लिमों का आगे आना शुरु हुआ हैं। शिक्षा क्षेत्र मे मुसलमानो मे जागरुकता बढ़ रही है।
इसी कड़ी मे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से ऐसी खबर सामने आई है जो कि मुसलमानों के शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाती है।दरअसल आजमगढ़ के मुबारकपुर नाम के एक छोटे से कस्बे में रहने वाले अबुल कलाम ने एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने भारत की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग को पास कर ली है।उन्होंने IAS की परीक्षा में चौथा स्थान हासिल किया है।
उल्लेखनीय है कि यह एक बहुत कठिन परीक्षा होती है जिसे पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। औसत दर्जे के विधार्थी के लिए इसे पास करना असंभव जैसा ही होता है।इसमें परीक्षा मे पास होने वाले युवा देश की प्रशासनिक तंत्र का हिस्सा बनते हैं। यहीं से चयन होने के बाद युवक कलक्टर एसपी राजदूत राजनयिक वन पदाधिकारी आदि विभागीय सचिव कमिश्नर जैसे पदों पर नियुक्त किए जाते हैं। यही कारण है कि देश के हर एक नौजवान अपने सुनहरे भविष्य के लिए आईएएस की परीक्षा पास करने का सपना देखता है।
आजमगढ़ के रहने वाले अबुल कलाम बचपन से ही पढ़ने में होशियार थे।उनकी शुरूआती शिक्षा मदरसा इस्लामिया अशरफिया से हुई है और उसके बाद उन्होंने मुबारकपुर के ही इंटर कॉलेज से दसवीं और बारहवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद वह लखनऊ चले गए और वहां से उन्होंने बीटेक किया। उनकी इस सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। वही अबुल कलाम के मोहल्ले में तो ऐसा लग रहा है जैसे ईद मनाई जा रही हो। अबुल का परिवार उनकी इस कामयाबी से काफी गर्व महसूस कर रहे हैं। और क्यों न करें उन्होंने अपने परिवार का नाम सारे देश मे रोशन जो किया है।
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